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देखभाल और संरक्षण की जरूरत में बच्चों के लिए भारत का पहला नि:शुल्क 24 घंटे आपातकालीन फोन सेवा"– चाइल्ड लाइन” है। किसी भी संबंधित वयस्क या बच्चे की मदद की जरूरत में हमारी सेवाओं का उपयोग करने के लिए 1098, टोल फ्री नंबर डायल कर सकते हैं। चाइल्ड लाइन केवल बच्चों की आपातकालीन जरूरतों के लिए प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उनके लंबे समय तक देखभाल और पुनर्वास के लिए सेवाओं के लिए एक कड़ी है।



 आज तक नंबर दस(१०) ... नौ(९) ... आठ(८) ...... जो भारत भर में लाखों बच्चों के लिए एक आशा मंत्र है, जो देश भर में कॉल के माध्यम से 10 लाख से अधिक बच्चों तक पहुँचने में सफल रही है।



 “चाइल्ड लाइन” सेवा 31 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में वर्तमान में कार्य कर रही है और देश भर में 400 शहरों में गूंज रहा है। यह एकीकृत बाल संरक्षण सेवा, (आई.सी.पी.एस. (के प्रमुख घटक है एवं वर्तमान में महिलाओं एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के संरक्षण में है।



 चारों ओर 655 सहयोगियों के साथ देश भर में "चाइल्ड लाइन” सेवा, हस्तक्षेप मामले और संबंधित प्रणालियों के साथ नेटवर्किंग पर जोर देती है।

झारखंड में CHILDLINE- 1098 सेवा

वर्तमान में चाइल्ड लाइन -1098 सेवा झारखंड के 13 जिलों में कार्य कर रही है जैसे कि रांची, धनबाद, पाकुड़, देवघर, चाईबासा, हजारीबाग, गुमला, साहेबगंज, पलामू, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, कोडरमा और खूंटी।



 “चाइल्ड लाइन” शहरी मॉडल रांची और चाईबासा में कार्य कर रही है एवं "चाइल्ड लाइन” ग्रामीण मॉडल धनबाद, पाकुड़, देवघर, हजारीबाग, गुमला, साहेबगंज, पलामू, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, कोडरमा और खूंटी में क्रियाशील है।



 साल 2016-17 में गढ़वा, लोहरदगा, बोकारो और सिमडेगा जिले में “चाइल्ड लाइन” सेवाओं के विस्तार की अनुमोदन महिलाओं एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन है।

चाइल्डलाइन चाईबासा

“चाइल्ड लाइन "चाईबासा- एक शहरी मॉडल, जिले में केवल एक साथी संगठन के साथ काम कर रही है। यह सहयोगी संगठन के रूप में अक्टूबर 2011 से गूंजना शुरू किया। चाईबासा, खूंटपानी झींकपानी और टोंटो के क्षेत्रों को सीधे, टीम द्वारा कवर किया जाता है।

चाईल्डलाईन परियोजना का परिचय :-

राष्ट्रीय स्तर की सेवा :- यह भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का एक परियोजना है जो गैर-सरकारी संस्थाओं, यूनीसेफ, राज्य सरकारें एवं कॉरपोरेट जगत के साझेदारी से संचालित होता है। अब तक पुरे देश में 277 शहरों में चाईल्डलाईन नेटवर्क काम कर रहा है।

24 घण्टा आपातकालीन सेवाः- चाईल्डलाईन 24 घण्टा चलने वाली सेवा है।

निशुल्क फोन सेवाः- 1098 एक निशुल्क फोन सेवा है जिसको कोई बच्चा/व्यक्ति फोन कर सकता है। यह फोन नम्बर कोलकाता चाईल्डलाईन कोल सेन्टर से संचालित होता है। अगर आप इस नम्बर पर कॉल करते है तो बच्चा का नाम, पता एवं अन्य विवरण वहाँ पर पंजीकृत होता है। इसके पश्चात वहाँ से संबंधित चाईल्डलाईन सेन्टर को रेफर किया जाता है।

आपातकालीन स्थिति में मददः- चाईल्डलाईन में सूचना मिलने पर आपात स्थिति में पड़े बच्चा के पास कम-से-कम समय में पहुँचकर मुसीबत से छुड़ाना एंव अन्य सहयोगी ऐजेन्सियों के साथ उसका पुर्नवास करने का काम करता है।

आउटरीच सेवाः- इसके अन्तर्गत बच्चों एवं समुदाय में 1098 निशुल्क सेवा फोन की जानकारी प्रदान करने एवं आपात स्थिति एवं कमजोर एवं हाशिये में जीने वाले बच्चों तक पहुँचने का काम करता है।

खुला मंच का आयोजन : खुला मंच में बच्चों को अपनी समस्याओं पर समुदाय एवं सेवा प्रदान करने वाले संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के सामने चर्चा करने एवं समाधन ढूँढने का अवसर प्रदान किया जाता है।

बच्चे जिनकी देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता है :- चाईल्डलाईन सामान्यतः 0 से 18 वर्षों के बच्चों को सेवा प्रदान करता है।

चाईल्डलाईन के लक्ष्य बच्चे :-
(i)चाईल्डलाईन निम्नलिखित वर्ग के बच्चों के लिए काम करता है-
(ii)बाल अधिकारों से वंचित बच्चे विशेषकर स्ट्रीट बच्चे।
(iii)बाल श्रमिक
(iv)शरीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना के शिकार बच्चे
(v)देह व्याहार में फँसे बच्चे
(vi)नशा के शिकार बच्चे
(vii)अपराधिक गतिविधियों में लिप्त बच्चे
(viii)बाल आश्रय एवं गृह में रहने वाले बच्चे
(ix)एच0 आई0 वी0 / एड्स से प्रभावित बच्चे
(x)गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे
(xi)युद्ध एवं आपदा में फँसे बच्चे
(xii)राजनीतिक शरणार्थी कैम्प में रहने वाले बच्चे (xiii)संकटग्रस्त परिवार के बच्चे

चाईल्डलाईन के उद्देश्य :-

ऐसे हर बच्चे तक पहुँचना जिसको देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता है जिसकी जानकारी चाईल्डलाईन को 1098 फोन या अन्य स्त्रोंतो से प्राप्त होता है।

समकालीन तकनीकि की मदद से 1098 की पहुँच को सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्र तक पहुँच सुनिश्चित करना।

सहयोगी संस्थाओं के साथ काम करके बच्चो के लिए अनुकूल वातावरण का निर्माण करना।

बच्चों को बाल अधिकारों के अन्तर्गत प्रदान किये गए सेवाओं की पहुँच को सूनिश्चित करने के लिए वकालती करना।

जरुरत मंद बच्चों को प्रदान किये जाने वाली देखभाल एवं संरक्षण सेवाओं में लगातार सुधार कराने का प्रयास करना।

सभी सहयोगी संस्थाओं का संयुक्त मंच तैयार करना एवं सहायता प्रदान करने वाली संस्थाओं के साथ मिलकर ऐसे बच्चों के पुर्नवास में मदद करना।

राष्ट्रीय दृष्टि(वीजन) वाली की नीति के ढाँचा के अर्न्तगत सभी सरकारी संस्थाओं का परिवार तैयार करना।

चाईल्डलाईन के अनुभाव आँकड़ों से सीखना एवं संयुक्त रुप से जरुरत मंद बच्चों तक पहुँचने के लिए रणनीति तैयार करना।

चाईल्डलाईन के सृजन का इतिहास :-

चाईल्डलाईन सेवा मुंबई में मसीबत में पड़े स्ट्रीट बच्चों को सहायता प्रदान करने हेतु टाटा इन्सटीट्युट ऑफ सोसल साईन्सेस के परियोजना को 20 जून 1996 को भारत सरकार के महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा फील्ड प्रोजेक्ट के रुप में स्वीकृति प्रदान करने के साथ प्रारम्भ हुआ था।

चाईल्डलाईन इंडिया फाउन्डेशन की स्थापना :-

मई 1999 में चाईल्डलाईन इंडिया फाउन्डेशन को भारत सरकार के समाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मंत्रालय के एक परियोजना के रुप में गैर सरकारी संस्थाऐं राज्य सरकारें, एवं प्राइवेट सेक्टर के संयुक्त पार्टनरशीप के रुप में पंजीकृत किया गया था। चाईल्डलाईन इंडिया फाउन्डेशन को मंत्रालय द्वारा पूरे देश में एक नोडल (केन्द्रिय) ऐजेन्सी के रुप में कार्य करने नियुक्त किया गया। इसके कार्यों में चाईल्डलाईन सेवा का मॉनिटरिंग, प्रशिक्षण मॉडयुल तैयार करना, रिसर्च एवं डोक्युमेन्टेशन, बच्चों के संरक्षण एवं एडवोकेसी करना आदि शामिल है।
साथ ही फण्ड के आवेदन की जाँच, मंत्रालय के साथ फॉलोअप कार्य चाईल्डलाईन केन्द्रों को फण्ड का आवंटन का कार्य भी करता है।

आसरा संस्था का कोलेबोरेटिब संस्था के रुप में चयन :- चाईल्डलाईन इंडिया फाउन्डेशन के चयन प्रक्रिया द्वारा सोसायटी फॅर रिफोर्मेशन एण्ड एडवान्समेन्ट ऑफ आदिवासीज (आसरा) का चयन कोलेबोरेटिब संस्था के रुप में मार्च 2011 को चयन किया गया।

चाईल्डलाईन चाईबासा सेवा का प्रारम्भ :- चाईल्डलाईन सेवा 1 अक्टुबर 2011 को निशुल्क फोन न. 1098 के चालू होने के साथ आसरा कार्यालय में प्रारम्भ हुआ।

चाईल्डलाईन की कार्य पद्दति :-

चाईल्डलाईन अकेले काम नही करता है। यह जिला में अन्य संबंधित विभागों जैसे- शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, बाल कल्याण, बाल सुधार गृह, सामुदायिक संगठनों कॉरपोरेट संस्थाओं वॉलेन्टियर्स आदि के साथ मिल कर काम करता है।

Name of the PersonDesignationOfficial AddressMobile NumberEmail Id
Shiukar PurtyDirectorASRA,SP Residence7319821755-----
Rajesh Kumar PatiTreasurerASRA,SP Residence9934376414-----
Lakshman GopeTeam MemberASRA,SP Residence7209939550-----
Baijnath HembromTeam MemberASRA,SP Residence8092790955-----
Bhim Singh KuntiaTeam MemberASRA,SP Residence9546726938-----
Dasmath BehraTeam MemberASRA,SP Residence8252301730-----
Poonam JamudaTeam MemberASRA,SP Residence7482925667-----
Jagannath GopeTeam MemberASRA,SP Residence8409253983-----
Sukhmati BiruaVolunteerASRA,SP Residence7549199409-----
Sujit baran GoswamiCenter Co-OdinatorASRA,SP Residence7631166610,9504909454-----


COLLABORATIVE ORGANIZATION
SOCIETY FOR REFORMATION AND ADVANCEMENT OF ADIVASIS(ASRA)

ASRA Bhawan, Tambo, P.O.-Chaibasa, Dist.-West Singhbhum,Jharkhand-833201
Phone No.-06582-255350,Email ID-asra11_ngo@yahoo.com

ओपन हाउस कार्यक्रम

बच्चों को भी ओपन सदनों के माध्यम से “चाइल्ड लाइन” सेवा के मूल्यांकन में शामिल कर रहे हैं। यह बच्चों की राय व्यक्त करने के लिए, सुझाव देने के लिए, संघर्षों का व्याख्यान करने और फीडबैक देने के लिए एक मंच है। “चाइल्डलाइन” की आकलन, समीक्षा और मूल्यांकन के लिए एक साधन के रूप में ओपन हाउस बच्चों के लिए सेवा देता है। यह खुला, बेहिचक बातचीत, “चाइल्डलाइन” टीम को बच्चों के साथ कोई स्थिति को परखने और फैसले का निर्णय या समस्या के संबंध में कार्रवाई का एक रास्ता निर्धारण करने के लिए अनुमति देता है। बच्चों और संबंधित प्रणालियों के पदाधिकारियों के बीच भी सकारात्मक भेंठ साझा करने के लिए यह एक अवसर के रूप में काम करती है जैसे पुलिस, स्वास्थ्य कर्मियों आदि, जो अन्यथा पारंपरिक रूप से अविश्वास का एक रिश्ता है। यह न केवल सेवा में सुधार के लिए अंतर्दृष्टि देने में मदद करता है, बल्कि यह बच्चों के साथ विश्वास का रिश्ता बनाने में भी मदद करता है।



अप्रैल से सितंबर 2016 की अवधि के दौरान “चाइल्डलाइन” चाईबासा 50pen हाउस कार्यक्रमों का आयोजन कर चुकी है। औपचारिक आमंत्रण के माध्यम से “चाइल्डलाइन” ने इन कार्यक्रमों में एन.आर.आई सदस्यों की भागीदारी भी सुनिश्चित की है।

आउटरीच और जागरूकता

“चाइल्डलाइन” की सफलता एक शहर या जिले में न सिर्फ कॉल की संख्या से बल्कि जागरूकता के स्तर से भी मापा जाता है। “चाइल्डलाइन”जागरूकता रणनीतियां का उद्देश्य- संकट में 1098 डायल करने के लिए, बच्चों को सशक्त बनाने, समाज में भागीदारी के निर्माण जहां हर एक को बच्चों की रक्षा करने और समर्थन करने की भूमिका अदा करनी होती है।



अप्रैल 2016 से 16 सितंबर 2016 तक “चाइल्डलाइन” टीम, आउटरीच और जागरूकता कार्यक्रम के 1382 व्यक्ति घंटे का आयोजन कर चुकी है।

Contact Details

DISTRICT CHILD PROTECTION UNIT,
VIKASH BHAWAN,Chaibasa,
West Singhbhum,
Jharkhand

Email:dcpucbsa@gmail.com
Website: www.dcpucbsa.co.in

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